(प्रयागराज,UP)02नवंबर,2026
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा ग्राम पंचायत चुनाव समय पर कराने के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। शासन ने इस आदेश के कानूनी पहलुओं पर मंथन शुरू कर दिया है। सरकार ने इस संबंध में अपर महाधिवक्ता और न्याय विभाग से विधिक राय मांगी है।
दरअसल, हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को तीन महीने के अंदर यानी 14 जनवरी से पहले हर हाल में संपन्न कराए। शासन के अधिकारियों का मानना है कि इतने कम समय में चुनाव कराना प्रशासनिक रूप से संभव नहीं है।
इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। पहली वजह यह है कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए गठित समर्पित आयोग की रिपोर्ट अभी तक फाइनल नहीं हुई है। रिपोर्ट के बिना आरक्षण का निर्धारण और सीटों का आवंटन नहीं हो सकता। दूसरी बड़ी वजह यह है कि आने वाले महीनों में जनगणना का काम, कई बड़ी भर्ती परीक्षाएं और विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरा प्रशासनिक अमला व्यस्त रहेगा।
उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि विधिक राय मिलने के बाद सरकार दो विकल्पों पर विचार करेगी। पहला विकल्प यह कि सरकार हाईकोर्ट में ही रिव्यू पिटीशन दाखिल कर समय बढ़ाने की मांग करे। दूसरा विकल्प सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करने का है।

