मुख्य सचिव ने जियो मैपिंग पर दिया जोर

Uttarakhand News

देहरादून, 02 जुलाई । मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में नियोजन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में ‘पीएम गतिशक्ति उपयोग मामलों का संग्रह 2.0’ का विमोचन किया तथा विभागीय डेटा संग्रहण के लिए विकसित मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जियोस्पेशियल तकनीक उत्तराखंड में अवसंरचना विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क, विद्युत लाइन, पेयजल परियोजनाएं, रेलवे, भवन निर्माण, बांध और अन्य बड़े विकास कार्यों की बेहतर योजना और क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति पोर्टल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इसके माध्यम से परियोजनाओं की जियो-लोकेशन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा राज्य का समग्र मास्टर प्लान तैयार करने में बड़ी सहायता मिलेगी।

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक प्रमाणिक डेटा पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार हो और विभागों के बीच बेहतर डेटा इंटीग्रेशन स्थापित किया जा सके। उन्होंने व्यय वित्त समिति की बैठकों में भी पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं के लिए साइट चयन के दौरान जियोस्पेशियल मैपिंग अनिवार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी नई स्वीकृत योजनाओं को भी पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने को कहा, जिससे योजनाओं की दोहराव (डुप्लीकेसी) रोकी जा सके और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो।

उन्होंने सभी विभागों में मास्टर रिसोर्स पर्सन नामित करने तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने Bhaskaracharya Institute for Space Applications and Geoinformatics द्वारा विकसित एप्लीकेशन को राज्य के ‘उन्नति’ (स्टेट प्रगति पोर्टल) से एकीकृत करने पर भी बल दिया।

कार्यक्रम में एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पंकज कुमार पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्धांकी, हिमांशु खुराना, नरेन्द्र सिंह भण्डारी, बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं BISAG-N के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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