देहरादून। उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन (उफतारा) ने राज्य के फिल्म उद्योग को चार दशकों से अधिक समय तक अपनी प्रतिभा और समर्पण से समृद्ध करने वाले निर्माता-निर्देशकों एवं वरिष्ठ कलाकारों को राज्य सरकार द्वारा पारितोषिक सहित सम्मानित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन ने उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद (यूएफडीसी) के कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
एमडीडीए कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उफतारा ने “उफतारा सम्मान-2026” से उत्तराखंड सिनेमा की चार प्रतिष्ठित विभूतियों—संजय चमोली, बी.एस. नेगी, सोहन लाल काला एवं अवध नारायण प्रसाद—को सम्मानित किया। इन सभी का सम्मान उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के कार्यकारी अधिकारी एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रदान किया। ये सभी सम्मानित हस्तियां 28 जून को आयोजित मुख्य सम्मान समारोह में अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सकी थीं, इसलिए उन्हें अलग से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उफतारा ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि वर्ष 1983 से उत्तराखंड की फिल्म एवं सांस्कृतिक विधा को समर्पित फिल्मकारों, निर्माता-निर्देशकों, कलाकारों और तकनीशियनों के योगदान का राज्य स्तर पर औपचारिक सम्मान किया जाए। संगठन का कहना है कि इन रचनाकारों ने सीमित संसाधनों के बावजूद उत्तराखंड की भाषा, लोकसंस्कृति और पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान सरकार की ओर से किया जाना चाहिए।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संगठन की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी और इस पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
कार्यक्रम में उफतारा के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी, महासचिव कांता प्रसाद जस्सी, अमरदेव गोदियाल, जस पंवार, गिरीश सनवाल ‘पहाड़ी’, पदम गुसाईं, नागेन्द्र प्रसाद, कैप्टन बंशीलाल कठुलियाल, हेमचन्द्र रावत, प्रमोद बेलवाल, टिकेंद्र सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
