भारतीय कंपाउंड मिश्रित टीम को तीरंदाजी विश्वकप के चरण-1 में मिला,गोल्ड मेडल

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(नई दिल्ली)13अप्रैल,2025.

अमेरिका में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप के पहले चरण में भारत ने शानदार शुरुआत की है। भारतीय कंपाउंड मिश्रित टीम ने वर्ल्डकप के इस प्रतिष्ठित मुकाबले में चीनी ताइपे के खिलाड़ियों को पटखनी दी। ज्योति सुरेखा वेन्नम और ऋषभ यादव ने गजब के धैर्य का परिचय दिया और कांटे की टक्कर के दौरान चीनी ताइपे के खिलाड़ियों- हुआंग आई-जौ और चेन चिह-लुन को 153-151 से हराया। पहली और दूसरी सीरीज में पिछड़ने के बाद ज्योति-ऋषभ ने जोरदार वापसी की। दोनों ने मुकाबले को चौथे और निर्णायक सीरीज में जीता, जिसके बाद भारत की झोली में स्वर्ण पदक आया। इससे पहले शुक्रवार को भारत ने यूरोपीय देश स्लोवेनिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

कांटे की टक्कर; शुरुआत में पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी:
फाइनल में गोल्ड के लिए कांटे की टक्कर के बीच भारत की मिश्रित जोड़ी पहली और दूसरी सीरीज में 37-38 और 38-39 से हार गई, लेकिन ज्योति और ऋषभ ने हौसला कायम रखा। तीसरे सेट में जोरदार वापसी करते हुए दोनों ने दो 10 और एक इनर 10 निशाना लगाया। इसकी बदौलत भारतीय जोड़ी को 39-38 के करीबी अंतर से जीत मिली।

निर्णायक मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी चीनी ताइपे के तीरंदाजों पर हावी हुए:
तीसरे सेट में भारत को मिली जीत के साथ मुकाबला चौथे और निर्णायक चरण में गया। चीनी ताइपे के प्रतिद्वंद्वी हुआंग आई-जौ और चेन चिह-लुन के मुकाबले भारतीय तीरंदाजों ने कई बेहतरीन निशाने लगाए। निर्णायक सेट में भारतीय जोड़ी ने 39-36 से जीत हासिल की। कुल स्कोर 153-151 रहा।

सोना जीतने से पहले सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ने स्लोवेनिया के खिलाड़ियों को हराया
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस स्पर्धा को 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में शामिल किया गया है। क्वालीफिकेशन स्कोर के आधार पर ज्योति और ऋषभ को पांचवीं वरीयता मिली थी। दोनों ने पहले दौर में स्पेन को 156-149 से हराया था। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने डेनमार्क को कांटे की टक्कर में 156-154 से हराया। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ने स्लोवेनिया के खिलाड़ियों को 159-155 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी।

अनुभवी तीरंदाजों की टीम
भारत की इस स्वर्णिम कामयाबी में धीरज बोम्मादेवरा का भी उल्लेखनीय योगदान रहा। वीजा से जुड़ी कुछ परेशानियों के कारण उन्हें अमेरिका पहुंचने में देरी हुई थी। मुकाबले से चंद घंटे पहले पहुंचे धीरज ने कमाल का धैर्य दिखाया और भारतीय पुरुष रिकर्व टीम को फाइनल में पहुंचाने में योगदान दिया। पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय टीम में अनुभवी तीरंदाज तरुणदीप राय और अतनु दास भी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने स्पेन को 6-2 से हराकर देश को सीजन के पहले विश्व कप में दूसरा पदक भी दिलाया।(

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