डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंतित सीतारमण,समाधान की अपील की

National News

(नई दिल्ली ) 26जून,2025.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे मामलों में तकनीकी समाधान लाने की बात पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने फिनटेक स्टार्टअप्स से अपील की कि वे देश में इस प्रकार से बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के मामलों से निपटने के लिए तकनीकी समाधान लेकर आएं।

बता दें कि वित्त मंत्री सीतारमण ने बातें दिल्ली में आयोजित डिजिटल पेमेंट अवॉर्ड्स 2025 कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने ‘फ्लाई-बाय-नाइट’ ऑपरेटर्स (जो फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को ठगते हैं) और डीपफेक टेक्नोलॉजी को भी बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि ये तकनीकें आम लोगों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रही हैं।

फिनटेक कंपनियों की भूमिया पर जोर:
सीतारमण ने आगे फिनटेक कंपनियों को लेकर कहा कि फिनटेक कंपनियों ने वित्तीय समावेशन को तेज किया है और देश के दूर-दराजा के क्षेत्रों तक डिजिटल भुगतान की सुविधा पहुंचाई है। लेकिन अब समय है कि ये कंपनियां नए साइबर खतरों से निपटने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

MSME क्षेत्र में डिजिटल ऋण सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने फिनटेक सेक्टर से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए डिजिटल ऋण सुविधाएं और ज्यादा बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की फिनटेक तकनीकें वैश्विक मंच पर भी उपयोगी साबित हो सकती हैं और इससे भारतीय कंपनियों के लिए नए बाज़ार खुलेंगे।
इसके साथ ही सीतारमण ने बताया कि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपीआई पेमेंट्स की स्वीकार्यता बढ़ रही है। भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई के चुनिंदा दुकानों पर यूपीआई से भुगतान संभव है। उन्होंने कहा कि हमारे फिनटेक मॉडल को दुनिया भर में अपनाया जा सकता है।

भारत का फिनटेक मार्केट:
वहीं निल्मला सीतारमण ने आगे बताया कि भारतीय फिनटेक सेक्टर 2028-29 तक 400 अरब डॉलर के आंकड़े को छू सकता है और इसकी सालाना वृद्धि दर 30% रहने का अनुमान है। इसके साथ ही सीतारमण ने यह भी बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना से अब तक ₹44 लाख करोड़ सीधे लोगों के खातों में भेजे गए हैं, जिससे ₹3.48 लाख करोड़ की बचत हुई है।

फिजिटल मॉडल होगा भविष्य:
वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य का वित्तीय ढांचा ‘फिजिटल’ होगा यानी डिजिटल और फिजिकल दोनों तरीकों का संयोजन। इससे ग्राहकों को बेहतर सेवा और विश्वास मिलेगा। गौरतलब है कि दिल्ली मे आयोजत कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने भी डिजिटल भुगतान और फिनटेक के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया। जहां नागराजू ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में यूपीआई के जरिए 18,587 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि ₹261 लाख करोड़ रही।(साभार एजेंसी)

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