राममंदिर परिसर में बन रहा “वैक्स म्यूजियम”

Uttar Pradesh

( अयोध्या,UP )26अगस्त,2025.

इस बार दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या को एक अनूठा उपहार मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर तैयार हो रहे एक भव्य वैक्स म्यूजियम को श्रद्धालु और पर्यटकों के लिए लोकार्पित किया जाएगा। यह म्यूजियम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर 10 हजार वर्ग फीट के विशाल क्षेत्र में बन रहा है। म्यूजियम में भगवान श्रीराम सहित रामायण के 50 प्रमुख पात्रों के मोम के पुतले प्रदर्शित किए जाएंगे, जो न केवल श्रद्धालुओं बल्कि पर्यटकों को भी इतिहास और संस्कृति का जीवंत अनुभव प्रदान करेंगे। इस परियोजना पर अब तक 7.5 करोड़ खर्च हो चुके हैं। दरअसल, अयोध्या के राम मंदिर परिसर में परिक्रमा पथ पर एक भव्य वैक्स म्यूजियम बनाया जा रहा है, जिसका उद्घाटन इस साल दीपोत्सव के मौके पर किया जाएगा।

7.5 करोड़ का हो चुका निवेश:
सरकार के एक बयान के अनुसार, इस परियोजना में अब तक लगभग 7.5 करोड़ रुपए का निवेश किया जा चुका है। म्यूजियम में रामायण से जुड़ी 50 महान हस्तियों की मोम की मूर्तियां लगाई जाएंगी, जिनमें भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव और जटायु शामिल हैं. प्रत्येक मूर्ति को जीवंत रूप दिया जाएगा जो विस्तृत भाव-भंगिमाएं, पारंपरिक वेशभूषा और ऐतिहासिक प्रामाणिकता पर खासा ध्यान दिया जा रहा है।

म्यूजियम में राम-रावण युद्ध:
म्यूजियम में राम-रावण युद्ध, सीता हरण, हनुमान की लंका यात्रा और राम सेतु के निर्माण जैसे रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मोम की कलाकृतियों और आधुनिक तकनीक के मिश्रण के माध्यम से पुनर्जनन किया जाएगा। आॅडियो-विजुअल प्रभाव और इंटरैक्टिव डिस्प्ले इस अनुभव को और भी बेहतर बनाएंगे।

तेजी से चल रहा निर्माण कार्य:
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि म्यूजियम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे वक्त पर पूरा करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। ये परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत अमानीगंज स्थित भूलभुलैया परियोजना की तर्ज पर सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के तहत कार्यान्वित की जा रही है।

विरासत को मिलेगा नया आयाम:
संभागीय आयुक्त ने कहा कि ये वैक्स म्यूजियम अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देगा। इसके साथ ही अयोध्या में सड़कों का चौड़ीकरण, सरयू घाटों का सौंदर्यीकरण और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी चल रही हैं, ताकि अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

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