(लखनऊ,UP)16जनवरी,2026.
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूबे का 26वां राज्य विश्वविद्यालय बन गया है। गत दिनों राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इसका अनुमोदन कर दिया है। विधान मंडल के दोनों सदनों से जल्द ही अन्य प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विश्वविद्यालय बनने के बाद जिले के तीन राजकीय सहित 20 महाविद्यालय अब केएनपीजी कॉलेज से जुड़ जाएंगे।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को लंबे समय से विश्वविद्यालय बनाने की मांग हो रही थी। एक अगस्त 1951 को स्थापित इस महाविद्यालय ने 75 साल में उच्च शिक्षा में मानकों को स्थापित किया है। बीते दिनों जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 एकड़ जमीन की उपलब्धता होने पर महाविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का वादा किया था। उन्होंने जिला प्रशासन को जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीएम शैलेश कुमार ने स्थानीय स्तर पर जमीन की तलाश कराई।
राजस्व टीम की ओर से केएनपीजी की जमीन की पैमाइश कराई गई। महाविद्यालय के पास खुद की लगभग 63 एकड़ जमीन है। जमीन की उपलब्धता के बाद जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की टीम महाविद्यालय का निरीक्षण करने आई।
20 से 25 दिन पहले विधानसभा की अंतरिम कैबिनेट की बैठक में महाविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय बनाने पर मुहर लगाई गई, हालांकि कुछ तकनीकी कमी के कारण मामला रुक गया। बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने केएनपीजी को राज्य विश्वविद्यालय बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी। राज्यपाल से अनुमोदन मिलने के बाद से ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
यह एक ऐतिहासिक क्षण है। सभी के अथक परिश्रम, समर्पण और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। कॉलेज से विश्वविद्यालय तक का यह सफर शिक्षण, अनुसंधान और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में इस महाविद्यालय की उत्कृष्टता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। -डॉ.अजय कुमार, विभागाध्यक्ष जंतु विज्ञान
केएनपीजी का विश्वविद्यालय बनना अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण है। इससे छात्रों की प्रतिभा को नया आयाम मिलेगा। शोध और नवाचार की दिशा में सकारात्मक कदम है। -संजय चौबे, बीएड विभाग
महाविद्यालय के पास है इतनी जमीन:
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पास जोरई, वेदपुर, ददरहां महाविद्यालय के जीर्ण-शीर्ण भवन को मिलाकर 15.56 हेक्टेयर यानी 38.5 एकड़ भूमि है। महाविद्यालय का मुख्य व प्रशासनिक भवन 3.380 हेक्टेयर यानी 3.35 एकड़ और वेदपुर में ही 6.668 हेक्टेयर यानी 16.50 एकड़ महाविद्यालय की जमीन वेटरनरी कॉलेज के नाम से दर्ज है। इस पर अब तक किसी प्रकार का कोई निर्माण नहीं हो सका है।
केएनपीजी कॉलेज में ये हैं सुविधाएं
स्मार्ट क्लास, मल्टीपरपज हॉल, लैब, पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, आर्यभट्ट, भास्कर व ओबीसी छात्रावास हैं। खेल, एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स व स्काउट गाइड जैसी व्यवस्थाएं हैं।
विश्वविद्यालय बनना बेहद ही गौरव का विषय है। महाविद्यालय की अब तक की शैक्षणिक यात्रा काफी गौरवशाली रही है। विश्वविद्यालय बनाए जाने के बाद अब विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर बनेंगे। -प्रो. रमेश चंद्र यादव, प्राचार्य, केएनपीजी
राज्यपाल के अनुमोदन के बाद केएनपीजी अब 26वां राज्य विश्वविद्यालय बन चुका है। विश्वविद्यालय बनाए जाने के बाद अब जिले के शैक्षणिक परिवेश में सुधार आएगा। वहीं, युवाओं के लिए बेहतर अवसर बनेंगे। -शैलेश कुमार,जिलाधिकारी (साभार एजेंसी)
