देहरादून, 2 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर, देहरादून द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी सम्मेलन’ में प्रतिभाग करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य योजनाओं से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है और यही विश्वास जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित हुई है, जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर प्रदान कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उत्तराखंड सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मदरसा बोर्ड की जगह बना अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में दूरगामी निर्णय लेते हुए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूसीसी से मिलेगा समान अधिकार और न्याय
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। यूसीसी सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को मजबूत करने के साथ सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करता है।
आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, किसानों की आय बढ़ाने, गरीब परिवारों के उत्थान, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आवास, पेयजल, सड़क, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक जीवन का अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अन्य पात्र लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के सुझावों और अनुभवों के आधार पर योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वरोजगार, कौशल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन योजनाओं से उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं दायित्वधारी दिनेश अग्रवाल, देहरादून नगर निगम के महापौर सौरभ थपलियाल, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
