उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा, पीएम मोदी के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित

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हरिद्वार, 12 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने सोमवार को धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और देश के विकास में उनके योगदान की सराहना की गई। मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव, विकास परियोजनाओं में सहयोग और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मिले मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

धन्यवाद प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल को सेवा, सुशासन, समर्पण, संकल्प और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना की यात्रा बताया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने जनसेवा और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए देश के विकास तथा जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की सराहना

मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में हुए कार्यों की सराहना की। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया।

इसके साथ ही डिजिटल इंडिया, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और यूपीआई जैसी पहलों को शासन व्यवस्था में पारदर्शिता तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण बताया गया। मंत्रिमंडल ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने, वन रैंक वन पेंशन लागू करने, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने और चंद्रयान-3 की सफलता जैसे महत्वपूर्ण कदमों का भी उल्लेख किया।

उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव का उल्लेख

धन्यवाद प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष आध्यात्मिक और आत्मीय संबंध है। उन्होंने प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सामरिक महत्व और विकास की व्यापक संभावनाओं वाले राज्य के रूप में प्राथमिकता दी है। बाबा केदार की धरती से प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।

मंत्रिमंडल के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय तथा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिली है। उत्तराखंड में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवस्थापना परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। इनमें सड़क, रेल, रोपवे, ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से कनेक्टिविटी को बढ़ावा

प्रस्ताव में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे, चारधाम महामार्ग विकास परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। सरकार के अनुसार, लगभग 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर करीब ढाई घंटे रह गया है।

इसके अतिरिक्त सोनप्रयाग-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं, केदारनाथ पुनर्निर्माण तथा बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान का भी उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल ने जमरानी बांध, लखवाड़ और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं में हुई प्रगति को भी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। खुरपिया में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर और किच्छा में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर से निवेश, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।

आपदाओं के दौरान सहयोग के लिए जताया आभार

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सहयोग और मार्गदर्शन को विशेष रूप से रेखांकित किया। प्रस्ताव में नवंबर 2023 में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के बचाव अभियान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री लगातार अभियान की जानकारी लेते रहे और केंद्र की संबंधित एजेंसियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

वर्ष 2024 में सहस्त्रताल और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई आपदाओं तथा अगस्त 2025 में उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई आपदा के दौरान केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया। मंत्रिमंडल ने कहा कि संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री ने प्रदेश के साथ खड़े रहकर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

धार्मिक पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों को मिली नई पहचान

प्रस्ताव में आदि कैलाश, ॐ पर्वत और शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने में प्रधानमंत्री की भूमिका का भी उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल के अनुसार, सीमांत क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय होमस्टे, परिवहन, हस्तशिल्प और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिला है। वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 51 सीमांत गांवों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किए जाने को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

मंत्रिमंडल ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी की परिकल्पना तथा शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। प्रस्ताव के अनुसार, शीतकालीन यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंची है।

प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा आभार पत्र

उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति प्रदेश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं, अवस्थापना परियोजनाओं और आपदा प्रबंधन के दौरान मिले सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री को आभार पत्र भेजने का भी निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए विकसित उत्तराखंड के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रस्ताव में विकास और विरासत, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तथा आधुनिकता और संस्कृति के बीच संतुलन स्थापित करते हुए प्रदेश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया गया।

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